NavgrahaAINavgrahaAI

१५ जनवरी — सप्तमी, रेवती

१५ जनवरी: शुक्रवार, शुक्ल पक्ष सप्तमी, नक्षत्र रेवती। सूर्योदय ०७:१५, राहुकाल ११:१२–१२:३१। बड़ा व्रत नहीं। शुक्रवार, १५ जनवरी २०२७ के लिए नई दिल्ली का पंचांग नीचे है। तारीख पर टैप करें तो पूरा पंचांग पॉपअप में खुलता है।

इस तिथि का पंचांग सार

दिनांक
१५ जनवरी २०२७
वार
शुक्रवार
तिथि
सप्तमी (शुक्ल पक्ष)
मास
पौष
नक्षत्र
रेवती
योग
शिव
करण
वणिज
सूर्योदय
०७:१५
सूर्यास्त
१७:४६
विक्रम संवत्
२०८३
व्रत और त्योहार
आज कोई प्रमुख व्रत/त्योहार नहीं

शुभ-अशुभ समय

  • राहुकाल(अशुभ)११:१२ – १२:३१
  • यमगण्ड(अशुभ)१५:०८ – १६:२७
  • गुलिक काल(अशुभ)०८:३४ – ०९:५३
  • अभिजीत मुहूर्त(शुभ)१२:०९ – १२:५२
  • ब्रह्म मुहूर्त(शुभ)०५:२७ – ०७:१५

जनवरी २०२७ — पौष – माघ — हिंदी कैलेंडर

जनवरी २०२७

पौष – माघ

बाएँ / दाएँ स्वाइप से महीना बदलें

रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि

त्योहार नारंगी, प्रमुख त्योहार सुनहरे, पूर्णिमा सफेद और अमावस्या गहरे रंग से दिखते हैं। आज की तारीख हमेशा हरी रहती है। किसी तिथि पर टैप करें — पूरा पंचांग पॉपअप में खुलेगा।

प्रीमियम जन्म कुंडली

करियर, विवाह और स्वास्थ्य — वैदिक गणना + AI रिपोर्ट, मात्र ₹11।

🪷 प्रीमियम कुंडली बनाएँ — ₹11

इस महीने के प्रमुख व्रत और त्योहार

जनवरी २०२७ के प्रमुख त्योहार

संबंधित ज्योतिष सेवाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आज का पंचांग कैसे देखा जाता है?

यह पृष्ठ चयनित शहर के अक्षांश-देशांतर और टाइमज़ोन से सूर्योदय निकालकर तिथि, नक्षत्र, योग और करण की गणना करता है। डिफ़ॉल्ट स्थान नई दिल्ली है। किसी तारीख पर टैप करने से पूरा पंचांग पॉपअप में खुलता है।

हिंदी कैलेंडर में मास पूर्णिमांत है या अमान्त?

यहाँ मास नाम उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पद्धति में दिखाए गए हैं। अमान्त मास भी गणना में रहता है, ताकि जन्माष्टमी जैसे पर्व सही तिथि पर आएँ।

क्या विदेश के शहर का पंचांग दिल्ली से अलग होता है?

हाँ। सूर्योदय स्थान और टाइमज़ोन पर निर्भर करता है, इसलिए नेपाल, अमेरिका, ब्रिटेन या खाड़ी देशों का तिथि-संक्रमण और राहुकाल दिल्ली से भिन्न हो सकता है। कैलेंडर में अपना शहर चुनें।

व्रत और त्योहार की तिथि कैसे तय होती है?

अधिकांश पर्व सूर्योदय की तिथि (उदय तिथि) से मिलाए जाते हैं। जन्माष्टमी या शिवरात्रि जैसे कुछ व्रत रात्रि मुहूर्त से एक दिन सरक सकते हैं। तिथियाँ हर वर्ष बदलती हैं, इसलिए तारीखें पहले से फिक्स नहीं रखी जातीं।

क्या दीपावली कार्तिक अमावस्या पर है?

हाँ। यहाँ मास नाम पूर्णिमांत हैं, इसलिए दीपावली कार्तिक अमावस्या दिखती है। गणना अमान्त आश्विन अमावस्या से होती है — दोनों एक ही तिथि हैं। त्योहार इसी कैलेंडर की तिथि से जुड़ते हैं, किसी बाहरी साइट की तय तारीख से नहीं।

गणना लाहिरी अयनांश और Swiss Ephemeris पर आधारित है। तिथि सूर्योदय के समय (उदय तिथि) के अनुसार दिखाई गई है; कुछ व्रत रात्रि मुहूर्त से एक दिन सरक सकते हैं। मास नाम पूर्णिमांत पद्धति (उत्तर भारत / हिंदी पंचांग) में हैं। त्योहार मिलान अमान्त तिथि से होता है। अयनांश: लाहिरी (चित्रापक्ष) — जन्म कुंडली इंजन के समान। त्योहार उदय तिथि और अमान्त मास (समाप्त अमावस्या पर सूर्य राशि) से मिलाए गए हैं; अधिक मास वाले वर्ष भी इसी नियम से संभाले जाते हैं। क्षेत्रीय रीति से पर्व एक दिन भिन्न हो सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज का पंचांग कैसे देखा जाता है?

यह पृष्ठ चयनित शहर के अक्षांश-देशांतर और टाइमज़ोन से सूर्योदय निकालकर तिथि, नक्षत्र, योग और करण की गणना करता है। डिफ़ॉल्ट स्थान नई दिल्ली है। किसी तारीख पर टैप करने से पूरा पंचांग पॉपअप में खुलता है।

हिंदी कैलेंडर में मास पूर्णिमांत है या अमान्त?

यहाँ मास नाम उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पद्धति में दिखाए गए हैं। अमान्त मास भी गणना में रहता है, ताकि जन्माष्टमी जैसे पर्व सही तिथि पर आएँ।

क्या विदेश के शहर का पंचांग दिल्ली से अलग होता है?

हाँ। सूर्योदय स्थान और टाइमज़ोन पर निर्भर करता है, इसलिए नेपाल, अमेरिका, ब्रिटेन या खाड़ी देशों का तिथि-संक्रमण और राहुकाल दिल्ली से भिन्न हो सकता है। कैलेंडर में अपना शहर चुनें।

व्रत और त्योहार की तिथि कैसे तय होती है?

अधिकांश पर्व सूर्योदय की तिथि (उदय तिथि) से मिलाए जाते हैं। जन्माष्टमी या शिवरात्रि जैसे कुछ व्रत रात्रि मुहूर्त से एक दिन सरक सकते हैं। तिथियाँ हर वर्ष बदलती हैं, इसलिए तारीखें पहले से फिक्स नहीं रखी जातीं।

क्या दीपावली कार्तिक अमावस्या पर है?

हाँ। यहाँ मास नाम पूर्णिमांत हैं, इसलिए दीपावली कार्तिक अमावस्या दिखती है। गणना अमान्त आश्विन अमावस्या से होती है — दोनों एक ही तिथि हैं। त्योहार इसी कैलेंडर की तिथि से जुड़ते हैं, किसी बाहरी साइट की तय तारीख से नहीं।