अमावस्या क्या है?
अमावस्या 2026 वह तिथि है जब चंद्र सूर्य के साथ अस्त माना जाता है — खगोल में नये चाँद (new moon)। हिंदू पंचांग में श्राद्ध, तर्पण और कुछ व्रत इसी दिन जुड़े हैं। अंधकार “अशुभ ग्रह” नहीं, चक्र का हिस्सा है।
पितृ पक्ष की अंतिम अमावस्या — पितृ पक्ष 2026। कुंडली योग — पितृ दोष अलग अवधारणा है।
2026 की तिथियाँ
| लगभग तिथि | नोट |
|---|---|
| 18/19 जनवरी | पौष/माघ — पंचांग देखें |
| 17 फरवरी | सूर्य ग्रहण वाला दिन (भारत में प्रायः नहीं दिखता) |
| 19 मार्च | चैत्र नवरात्रि के आसपास |
| 17 अप्रैल | वैशाख |
| 16 मई | ज्येष्ठ |
| 15 जून | आषाढ़ |
| 14 जुलाई | श्रावण से पहले/आषाढ़ |
| 12 अगस्त | सूर्य ग्रहण वाला दिन; सावन के आसपास |
| 11 सितंबर | भाद्रपद |
| 10 अक्तूबर | सर्वपितृ / महालय अमावस्या के आसपास |
| 9 नवंबर | कार्तिक — दीपावली से जुड़ी तिथि पंचांग से मिलाएँ |
| 8/9 दिसंबर | मार्गशीर्ष/पौष |
ग्रहण वाले अमावस्या दिन — ग्रहण 2026। मुहूर्त — शुभ मुहूर्त। नवरात्रि चैत्र अमावस्या के बाद — नवरात्रि 2026।
महत्व
दान, तर्पण, पूर्वजों की स्मृति — रीति है। नया उद्योग कई पंचांग अमावस्या पर नहीं खोलते; जरूरी दवाई या यात्रा न रोकें। सोमवार पड़े तो सोमवती व्रत कुछ परिवार रखते हैं।
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निष्कर्ष
अमावस्या 2026 — सभी तिथियाँ और महत्व चक्र की रात है, श्राप नहीं। पंचांग से तिथि कन्फर्म करें, भय से कैलेंडर न काटें।
PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श
श्राद्ध तिथि व्यक्तिगत पंचांग से तय करने के लिए सलाह ले सकते हैं।
सूची अनुमानित नई चंद्र तिथियाँ हैं। सूर्योदय तithi नियम से पुष्टि करें।