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पंचांग 2026

अमावस्या 2026 — सभी तिथियाँ और महत्व

नए चाँद की तिथियाँ, श्राद्ध-दान, और सूर्य ग्रहण वाले दो दिन — शहर के पंचांग से एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

✍️ Navgraha AI टीम🕐 10 मिनट पठन

अमावस्या क्या है?

अमावस्या 2026 वह तिथि है जब चंद्र सूर्य के साथ अस्त माना जाता है — खगोल में नये चाँद (new moon)। हिंदू पंचांग में श्राद्ध, तर्पण और कुछ व्रत इसी दिन जुड़े हैं। अंधकार “अशुभ ग्रह” नहीं, चक्र का हिस्सा है।

पितृ पक्ष की अंतिम अमावस्या — पितृ पक्ष 2026। कुंडली योग — पितृ दोष अलग अवधारणा है।

2026 की तिथियाँ

लगभग तिथिनोट
18/19 जनवरीपौष/माघ — पंचांग देखें
17 फरवरीसूर्य ग्रहण वाला दिन (भारत में प्रायः नहीं दिखता)
19 मार्चचैत्र नवरात्रि के आसपास
17 अप्रैलवैशाख
16 मईज्येष्ठ
15 जूनआषाढ़
14 जुलाईश्रावण से पहले/आषाढ़
12 अगस्तसूर्य ग्रहण वाला दिन; सावन के आसपास
11 सितंबरभाद्रपद
10 अक्तूबरसर्वपितृ / महालय अमावस्या के आसपास
9 नवंबरकार्तिक — दीपावली से जुड़ी तिथि पंचांग से मिलाएँ
8/9 दिसंबरमार्गशीर्ष/पौष

ग्रहण वाले अमावस्या दिन — ग्रहण 2026। मुहूर्त — शुभ मुहूर्त। नवरात्रि चैत्र अमावस्या के बाद — नवरात्रि 2026

महत्व

दान, तर्पण, पूर्वजों की स्मृति — रीति है। नया उद्योग कई पंचांग अमावस्या पर नहीं खोलते; जरूरी दवाई या यात्रा न रोकें। सोमवार पड़े तो सोमवती व्रत कुछ परिवार रखते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निष्कर्ष

अमावस्या 2026 — सभी तिथियाँ और महत्व चक्र की रात है, श्राप नहीं। पंचांग से तिथि कन्फर्म करें, भय से कैलेंडर न काटें।

PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श

श्राद्ध तिथि व्यक्तिगत पंचांग से तय करने के लिए सलाह ले सकते हैं।

सूची अनुमानित नई चंद्र तिथियाँ हैं। सूर्योदय तithi नियम से पुष्टि करें।