नाड़ी क्या?
नाड़ी दोष क्या होता है और क्या इसका समाधान संभव है? — अष्टकूट का सबसे भारी कूट नाड़ी है (8 अंक)। 27 नक्षत्र तीन नाड़ियों में बँटे हैं। दोनों की नाड़ी एक हो तो पारंपरिक तालिका 0 देती है। यह चंद्र नक्षत्र से चलता है, लग्न से नहीं।
गुण की जगह — गुण मिलान कितना ज़रूरी। नक्षत्र सूची — 27 नक्षत्र।
तीन नाड़ी
| नाड़ी | नक्षत्र (प्रचलित वर्गीकरण) |
|---|---|
| आदि नाड़ी | अश्विनी, आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, ज्येष्ठा, मूल, शतभिषा, रेवती |
| मध्य नाड़ी | भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा, उत्तरा भाद्रपद |
| अंत्य नाड़ी | कृत्तिका, रोहिणी, आश्लेषा, मघा, स्वाती, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, पूर्वा भाद्रपद |
अपना नक्षत्र — जन्म नक्षत्र कैसे पता करें। पूरा मिलान — कुंडली मिलान।
समाधान और सीमा
कुछ ग्रंथ एक ही राशि अलग नक्षत्र, या अन्य योग से दोष कम कहते हैं — मतभेद हैं, गारंटी नहीं। पूजा आस्था है। मंगल अलग — मंगलिक-गैर मंगलिक। रत्न नाड़ी नहीं काटता — रत्न।
दोनों जन्म नक्षत्र देखकर नाड़ी मिलाएँ
🔮 मुफ्त कुंडलीअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निष्कर्ष
नाड़ी दोष मिलान की भारी परत है। समाधान आस्था और अपवाद हैं; स्वास्थ्य विज्ञान से जाँचें।
PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श
दोनों नक्षत्र की नाड़ी देख सकते हैं। संतान या रोग की गारंटी नहीं।
पंडित जी से बात करेंनाड़ी दोष चिकित्सा सलाह नहीं है। गर्भ-संतान-स्वास्थ्य पर डॉक्टर से मिलें।