NAVGRAHAaiNAVGRAHAai
वैदिक ज्योतिष

27 नक्षत्र और उनका महत्व

चंद्र जिस तारक-खंड में हो वही नक्षत्र — दशा, मिलान और स्वभाव की बुनियाद, भाग्य की मुहर नहीं।

✍️ NAVGRAHAai टीम🕐 10 मिनट पठन

नक्षत्र क्या हैं?

27 नक्षत्र और उनका महत्व वैदिक ज्योतिष की रीढ़ है। चंद्रमा लगभग एक दिन एक नक्षत्र में रहता है। विज्ञान में ये तारामंडल दिशाएँ हैं; ज्योतिष उन्हें ग्रह-स्वामी और चरण (पद) से बाँधता है।

प्रत्येक नक्षत्र चार चरण — 13°20′ का खंड चार बराबर हिस्सों में। विवाह में चरण मिलान कुछ रीतियों में देखा जाता है।

27 नक्षत्र सूची

नक्षत्रदशा स्वामीराशि (लगभग)
अश्विनीकेतुमेष
भरणीशुक्रमेष
कृत्तिकासूर्यमेष/वृषभ
रोहिणीचंद्रवृषभ
मृगशिरामंगलवृषभ/मिथुन
आर्द्राराहुमिथुन
पुनर्वसुगुरुमिथुन/कर्क
पुष्यशनिकर्क
आश्लेषाबुधकर्क
मघाकेतुसिंह
पूर्वा फाल्गुनीशुक्रसिंह
उत्तरा फाल्गुनीसूर्यसिंह/कन्या
हस्तचंद्रकन्या
चित्रामंगलकन्या/तुला
स्वातीराहुतुला
विशाखागुरुतुला/वृश्चिक
अनुराधाशनिवृश्चिक
ज्येष्ठाबुधवृश्चिक
मूलकेतुधनु
पूर्वाषाढ़ाशुक्रधनु
उत्तराषाढ़ासूर्यधनु/मकर
श्रवणचंद्रमकर
धनिष्ठामंगलमकर/कुंभ
शतभिषाराहुकुंभ
पूर्वा भाद्रपदगुरुकुंभ/मीन
उत्तरा भाद्रपदशनिमीन
रेवतीबुधमीन

जन्म नक्षत्र

जन्म नक्षत्र से विंशोत्तरी दशा शुरू होती है — दशा लेख। पता कैसे करें — जन्म नक्षत्र कैसे पता करें। मिलान — कुंडली मिलान · नाड़ी दोष। चार्ट — कुंडली कैसे बनाएं · मुफ्त कुंडली।

अपना नक्षत्र और दशा तुरंत देखें

🪷 प्रीमियम कुंडली अब सिर्फ ₹11 में।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नक्षत्र कितने होते हैं?

वैदिक गणना में 27 नक्षत्र। अभिजित को कभी 28वाँ कहा जाता है, दैनिक प्रयोग में 27 ही चलते हैं।

जन्म नक्षत्र कैसे पता चले?

जन्म समय पर चंद्र जिस नक्षत्र में हो वही जन्म नक्षत्र। कुंडली या पंचांग से देखें।

नक्षत्र से शादी तय होती है?

अष्टकूट में तारा/योनि नक्षत्र से जुड़ते हैं। मिलान एक परत है, पूरा जीवन नहीं।

दशा नक्षत्र से कैसे शुरू होती है?

विंशोत्तरी दशा जन्म नक्षत्र के स्वामी ग्रह से आरंभ मानी जाती है।

निष्कर्ष

27 नक्षत्र और उनका महत्व चंद्र की स्थिति, दशा और मिलान की कुंजी है। स्वभाव का संकेत है, किस्मत का ठप्पा नहीं।

PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श

नक्षत्र-चरण और दशा व्यक्तिगत चार्ट से समझने के लिए सलाह ले सकते हैं।

पंडित जी से बात करें

नक्षत्र खगोलीय खंड हैं; फल पारंपरिक व्याख्या है।