कितना ज़रूरी?
कुंडली मिलान में गुण मिलान कितना जरूरी है? — अष्टकूट चंद्र नक्षत्र से 36 अंक गिनता है। कई घर 18 से कम पर रुक जाते हैं। यह प्रथा है। दक्षिण की कुछ परंपराएँ दशा और कुज पर ज़्यादा टिकती हैं। अंक सहायक हैं, वीटो नहीं होने चाहिए।
पूरी प्रक्रिया — कुंडली मिलान कैसे होता है। नक्षत्र आधार — 27 नक्षत्र।
8 कूट
| कूट | अंक | संक्षेप |
|---|---|---|
| वर्ण | 1 | आधार-मेल (लोक) |
| वश्य | 2 | आकर्षण-प्रभाव |
| तारा | 3 | नक्षत्र अनुकूलता |
| योनि | 4 | प्रकृति-मेल |
| ग्रह मैत्री | 5 | चंद्र स्वामी मित्रता |
| गण | 6 | देव-मनुष्य-राक्षस |
| भकूट | 7 | राशि संबंध |
| नाड़ी | 8 | सबसे भारी कूट |
नाड़ी सबसे भारी — नाड़ी दोष क्या होता है। मंगल अलग परत — मंगलिक-गैर मंगलिक।
अंक से आगे
28 गुण और संवाद शून्य — घर नहीं चलता। 16 गुण और सम्मान — कई घर चलते हैं। सप्तम तुलना — पति-पत्नी पर ग्रह।
दोनों जन्म नक्षत्र से गुण देखें, अंक को ईश्वर न मानें
🔮 मुफ्त कुंडलीअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निष्कर्ष
गुण मिलान जरूरी सहायक परत के रूप में है। जीवन अंक तालिका से बड़ा है।
PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श
अष्टकूट और सप्तम साथ देख सकते हैं। शादी के अंक की गारंटी नहीं।
पंडित जी से बात करेंगुण मिलान सामाजिक-धार्मिक प्रथा है। विवाह कानूनी सहमति से होता है।