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वैदिक ज्योतिष

कुंडली मिलान में गुण मिलान कितना जरूरी है?

36 गुण एक परत हैं। 18 प्रचलित सीमा है, पूर्ण जीवन नहीं। संवाद अंक से बड़ा है।

✍️ navgrahaAI टीम🕐 10 मिनट पठन

कितना ज़रूरी?

कुंडली मिलान में गुण मिलान कितना जरूरी है? — अष्टकूट चंद्र नक्षत्र से 36 अंक गिनता है। कई घर 18 से कम पर रुक जाते हैं। यह प्रथा है। दक्षिण की कुछ परंपराएँ दशा और कुज पर ज़्यादा टिकती हैं। अंक सहायक हैं, वीटो नहीं होने चाहिए।

पूरी प्रक्रिया — कुंडली मिलान कैसे होता है। नक्षत्र आधार — 27 नक्षत्र

8 कूट

कूटअंकसंक्षेप
वर्ण1आधार-मेल (लोक)
वश्य2आकर्षण-प्रभाव
तारा3नक्षत्र अनुकूलता
योनि4प्रकृति-मेल
ग्रह मैत्री5चंद्र स्वामी मित्रता
गण6देव-मनुष्य-राक्षस
भकूट7राशि संबंध
नाड़ी8सबसे भारी कूट

नाड़ी सबसे भारी — नाड़ी दोष क्या होता है। मंगल अलग परत — मंगलिक-गैर मंगलिक

अंक से आगे

28 गुण और संवाद शून्य — घर नहीं चलता। 16 गुण और सम्मान — कई घर चलते हैं। सप्तम तुलना — पति-पत्नी पर ग्रह

दोनों जन्म नक्षत्र से गुण देखें, अंक को ईश्वर न मानें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निष्कर्ष

गुण मिलान जरूरी सहायक परत के रूप में है। जीवन अंक तालिका से बड़ा है।

PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श

अष्टकूट और सप्तम साथ देख सकते हैं। शादी के अंक की गारंटी नहीं।

पंडित जी से बात करें

गुण मिलान सामाजिक-धार्मिक प्रथा है। विवाह कानूनी सहमति से होता है।