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वैदिक ज्योतिष

कुंडली में ग्रहों की मित्रता और शत्रुता कैसे देखें?

नैसर्गिक मित्र-शत्रु तालिका और राशि स्वामी से मेल। शत्रुता युद्ध नहीं, बल की भाषा है।

✍️ NavgrahaAI टीम🕐 10 मिनट पठन

मित्र-शत्रु क्या?

कुंडली में ग्रहों की मित्रता और शत्रुता कैसे देखें? — दो परतें: (1) नैसर्गिक तालिका, (2) ग्रह जिस राशि में बैठा उसका स्वामी मित्र है या शत्रु। शुभ-क्रूर वर्ग इससे जुड़ा है — शुभ अशुभ ग्रह।

नैसर्गिक तालिका (सार)

नीचे प्रचलित संक्षेप है। सम (न्यूट्रल) स्तंभ छोटा रखा; पूरी पंचधा सॉफ्टवेयर/ग्रंथ से मिलाएँ।

ग्रहप्रमुख मित्रप्रमुख शत्रु
सूर्यचंद्र, मंगल, गुरुशनि, शुक्र
चंद्रसूर्य, बुध— (प्रायः शत्रु कम)
मंगलसूर्य, चंद्र, गुरुबुध
बुधसूर्य, शुक्रचंद्र
गुरुसूर्य, चंद्र, मंगलबुध, शुक्र
शुक्रबुध, शनिसूर्य, चंद्र
शनिबुध, शुक्रसूर्य, चंद्र, मंगल

युति मित्र-शत्रु को और रंग देती है — युति।

अस्थायी मित्रता

जन्म चार्ट में ग्रह एक-दूसरे से 2-3-4-10-11-12 भाव में हों तो कुछ आचार्य तात्कालिक मित्र कहते हैं; 1-5-6-7-8-9 में शत्रु। नियम पाठ अनुसार थोड़ा बदलता है। नीच राशि + शत्रु स्वामी = दोहरी सावधानी, शाप नहीं — उच्च नीच · कमजोर ग्रह।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ग्रहों की मित्रता कैसे देखते हैं?

नैसर्गिक तालिका: प्रत्येक ग्रह के मित्र, सम, शत्रु तय। फिर ग्रह जिस राशि में है, उस राशि के स्वामी से संबंध देखें।

शत्रु राशि में ग्रह हमेशा हारता है?

नहीं। उच्च, केन्द्र, दशा और युति चित्र बदलते हैं।

पंचधा मैत्री क्या है?

नैसर्गिक + अस्थायी मिलाकर पाँच स्तर। सॉफ्टवेयर कभी दिखाता है। शुरुआत नैसर्गिक से करें।

सूर्य और शनि शत्रु?

नैसर्गिक शत्रु माने जाते हैं। पिता-कर्म की लोक कथा है, परिवार का फैसला नहीं।

निष्कर्ष

मित्रता और शत्रुता बल पढ़ने का औजार है। रिश्तों का फैसला आचरण से होता है।

PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श

पंचधा मैत्री चार्ट अनुसार बदलती है। तालिका पर्याप्त नहीं।

पंडित जी से बात करें

मित्र-शत्रु शास्त्रीय संबंध हैं, लोगों की दुश्मनी नहीं।