शुभ-अशुभ क्या?
शुभ ग्रह और अशुभ ग्रह कौन से होते हैं? — नैसर्गिक (जन्मजात स्वभाव) वर्गीकरण। कार्यात्मक शुभ-अशुभ लग्न से बनता है: मेष लग्न को मंगल लग्नेश, क्रूर होते हुए भी जीवन का स्तंभ।
युति शुभ-अशुभ संयोग — ग्रहों की युति।
नैसर्गिक सूची
| ग्रह | प्रचलित वर्ग | नोट |
|---|---|---|
| गुरु, शुक्र | नैसर्गिक शुभ | ज्ञान, सुख — गारंटी नहीं |
| बुध | संग अनुसार | शुभ संग शुभ, क्रूर संग मिश्र |
| चंद्र | पक्ष अनुसार | पूर्ण के पास शुभ, क्षीण मिश्र |
| सूर्य, मंगल, शनि | नैसर्गिक क्रूर | आत्मा, ऊर्जा, कर्म — उपयोग भी |
| राहु, केतु | छाया, तीव्र | कालसर्प हर चार्ट नहीं |
राहु-केतु — राहु केतु असर · कालसर्प। शनि — साढ़े साती।
कारक और सीमा
मित्रता तालिका नैसर्गिक वर्ग से जुड़ी है — मित्रता-शत्रुता। दृष्टि क्रूर ग्रह की भी जीवन के घर पर पड़ती है — दृष्टि।
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निष्कर्ष
शुभ और अशुभ ग्रह नैसर्गिक टैग हैं। लग्न उन्हें काम सौंपता है। टैग से डरें नहीं।
PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श
कारक ग्रह लग्न अनुसार बदलते हैं। नैसर्गिक सूची पर्याप्त नहीं।
पंडित जी से बात करेंशुभ-अशुभ शास्त्रीय टैग हैं, नैतिक फैसला नहीं।