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वैदिक ज्योतिष

कुंडली में ग्रहों की दृष्टि क्या होती है? पूरी जानकारी

सप्तम दृष्टि सबकी; मंगल, गुरु, शनि की अतिरिक्त दृष्टियाँ। दृष्टि संकेत है, सजा नहीं।

✍️ navgrahaAI टीम🕐 10 मिनट पठन

दृष्टि क्या है?

कुंडली में ग्रहों की दृष्टि क्या होती है? — ग्रह जिस राशि में बैठा है, वहाँ से गिनकर कुछ भावों पर प्रभाव माना जाता है। वैज्ञानिक प्रकाश-किरण नहीं; ज्योतिष की भाषा है।

युति (एक राशि में दो ग्रह) दृष्टि से अलग है — ग्रहों की युति। भाव गिनना — 12 भाव

कौन कहाँ देखता है

ग्रहपारंपरिक दृष्टि (भाव)नोट
सभी ग्रह7वाँ भावसामने वाला घर
मंगल4, 7, 8कुछ ग्रंथ 4-8 विशेष कहते हैं
गुरु5, 7, 9त्रिकोण+सप्तम
शनि3, 7, 10पूर्ण, सप्तम, दशम

चंद्र-बुध-सूर्य-शुक्र की विशेष दृष्टि प्रायः सप्तम ही गिनी जाती है। राहु-केतु पर मतभेद है — राहु केतु

कैसे गिनें

ग्रह की राशि को पहला भाव मानें, फिर 2, 3… 12 तक घड़ी की दिशा में (उत्तर भारतीय चार्ट रीति भिन्न दिख सकती है, गिनती वही)। उदाहरण: गुरु धनु में हो तो 5वाँ मेष, 7वाँ मिथुन, 9वाँ सिंह पर दृष्टि।

चार्ट प्रारूप — चार्ट प्रकार · मुफ्त कुंडली

अपने ग्रहों से सातवाँ भाव देखें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निष्कर्ष

ग्रहों की दृष्टि दूरी की भाषा है। उसे सजा न बनाएँ; स्वामी, दशा और आचरण साथ पढ़ें।

PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श

दृष्टि और युति व्यक्तिगत चार्ट से पढ़ सकते हैं। फल की गारंटी नहीं।

पंडित जी से बात करें

दृष्टि शास्त्रीय गणना है, घटना का प्रमाण नहीं।