उच्च-नीच क्या?
कुंडली में ग्रह उच्च और नीच कब होते हैं? — राशि अनुसार पारंपरिक बल। उच्च = उस चिह्न में ग्रह “घर जैसा” माना गया; नीच = विपरीत दिशा। यह खगोल का तापमान नहीं, ज्योतिष की तालिका है।
कमजोरी की और परतें — कमजोर ग्रह कैसे पहचानें।
सप्त ग्रह — प्रचलित तालिका
| ग्रह | उच्च राशि | नीच राशि |
|---|---|---|
| सूर्य | मेष | तुला |
| चंद्र | वृषभ | वृश्चिक |
| मंगल | मकर | कर्क |
| बुध | कन्या | मीन |
| गुरु | कर्क | मकर |
| शुक्र | मीन | कन्या |
| शनि | तुला | मेष |
नवग्रह भूमिका — ग्रहों की भूमिका · मुफ्त कुंडली।
नीचभंग और सीमा
नीच राशि का स्वामी केन्द्र में हो, या नीच ग्रह स्वयं केन्द्र में — कुछ ग्रंथ नीचभंग कहते हैं। नियम आचार्यों में भिन्न हैं। विपरीत राजयोग दुष्ट भाव से भी बन सकता है — विपरीत राजयोग। षड्बल अलग नाप है — षड्बल।
ग्रह की राशि उच्च-नीच से मिलाएँ
🔮 मुफ्त कुंडलीअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निष्कर्ष
ग्रह उच्च और नीच कब होते हैं — राशि तालिका से देखें। जीवन मेहनत और दशा से चलता है, केवल उच्च से नहीं।
उच्च-नीच शास्त्रीय मानचित्र है, सफलता-असफलता का प्रमाण नहीं।