षड्बल क्या?
षड्बल क्या है? कुंडली में ग्रहों की शक्ति कैसे मापी जाती है? — “षड्” = छह, “बल” = शक्ति। बिना अंक भी चार्ट पढ़ा जाता है; षड्बल तुलना की बारीक परत है। वैज्ञानिक वजन नहीं।
मोटा बल — उच्च-नीच · कमजोर ग्रह।
छह बल
| बल | संक्षेप |
|---|---|
| स्थान बल | उच्च, मूलत्रिकोण, स्वराशि, केन्द्र |
| दिक् बल | दिशा — जैसे गुरु पूर्व, शनि पश्चिम (सार) |
| काल बल | दिन-रात, पक्ष, वर्ष अंश |
| चेष्टा बल | गति — वक्री, युद्ध, सूर्य से दूरी |
| नैसर्गिक बल | ग्रह का जन्मजात भार (सूर्य अधिक, शनि कम — रूपक) |
| दृष्टि बल | शुभ/क्रूर दृष्टियाँ |
चेष्टा — वक्री ग्रह। दृष्टि — ग्रहों की दृष्टि। दशा समय — दशा-महादशा।
अंक और सीमा
दो सॉफ्टवेयर के अंक न मिलाएँ बिना अहर्गन/अंश सेटिंग जाने। कम षड्बल = ग्रह “मरा” नहीं। रत्न अंक नहीं बढ़ाते जादुई ढंग से — रत्न।
ग्रह स्थिति पहले, अंक बाद में
🔮 मुफ्त कुंडलीअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निष्कर्ष
षड्बल छह परतें हैं। समझ के लिए उपयोगी; जीवन का स्कोरबोर्ड नहीं।
PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श
षड्बल गणना आचार्य अनुसार भिन्न हो सकती है। अंक की गारंटी नहीं।
पंडित जी से बात करेंषड्बल शास्त्रीय माप है, परीक्षा या आय का प्रमाण नहीं।