दूसरी शादी?
कुंडली में दूसरी शादी के योग कैसे देखें? — कई लोग सप्तम के बाद के भाव को ‘दूसरा विवाह’ कह देते हैं। शास्त्र अष्टम को परिवर्तन-साझा धन से भी पढ़ता है। विधवा/विच्छेद के बाद नया रिश्ता जीवन की परत है, चार्ट की सजा नहीं।
तलाक को नियति न मानें — तलाक योग। पहला समय — विवाह का सही समय।
लोक संकेत
| देखें | पारंपरिक चर्चा |
|---|---|
| सप्तम भाव | विवाह की पहली परत |
| अष्टम (सप्तम से 2) | परिवर्तन, साझा जीवन — पुनर्विवाह की लोक चर्चा |
| राहु सप्तम | अपरंपरागत रास्ता, गारंटी नहीं |
| नवमांश सप्तम | दूसरी परत; एक युति काफी नहीं |
राहु-केतु — कुंडली पर असर। नवमांश — कैसे पढ़ें। मिलान नए रिश्ते में भी — गुण मिलान।
क्या न समझें
चार्ट देखकर पहली शादी ‘टूट जाएगी’ कहना हिंसा है। पति-पत्नी ग्रह — रिश्ते पर ग्रह। उदाहरण: अष्टम में शुक्र — कुछ लोग पुनर्विवाह कहते हैं; व्यय-गोपनीयता भी भाषा हो सकती है।
सप्तम और नवमांश संकेत के रूप में देखें
🔮 मुफ्त कुंडलीअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निष्कर्ष
दूसरी शादी के योग परिवर्तन की भाषा हैं। नया विवाह सहमति और कानून से होता है।
PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श
सप्तम-अष्टम समझने के लिए सलाह ले सकते हैं। पुनर्विवाह की भविष्यवाणी नहीं।
पंडित जी से बात करेंयह कानूनी सलाह नहीं है। विवाह-तलाक-पुनर्विवाह पर वकील और परिवार से मिलें।