समय क्या सुझाता है
कुंडली में विवाह का सही समय कैसे देखें? — खोज अक्सर सप्तम भाव और शुक्र-गुरु दशा पर जाती है। शास्त्र विवाह को सप्तम से पढ़ता है। यह दिशा है। उम्र, पढ़ाई, नौकरी और परिवार की सहमति कैलेंडर चलाते हैं।
देरी अलग परत है — शादी में देरी क्यों। मिलान समय से पहले — कुंडली मिलान कैसे होता है।
कहाँ देखें
| देखें | पारंपरिक संकेत |
|---|---|
| सप्तम भाव / स्वामी | विवाह, साझेदारी |
| शुक्र / गुरु | संबंध और सातवीं की लोक चर्चा |
| दशा-अंतर्दशा | समय की खिड़की, कार्ड नहीं |
| नवमांश (D9) | विवाह की दूसरी परत |
| गुरु-शनि गोचर | सप्तम पर गोचर — संकेत, आदेश नहीं |
दशा कैसे चलती है — दशा-महादशा। नवमांश — नवमांश कैसे पढ़ें। मुहूर्त कार्ड के बाद — शुभ मुहूर्त।
सीमा
“दशा है तो रिश्ता छोड़ दो” या “दशा नहीं तो इंतज़ार करते रहो” — दोनों अति हैं। प्रेम बनाम अरेंज — अरेंज या लव। रत्न से बारात नहीं आती — रत्न कैसे चुनें।
सप्तम भाव और चालू दशा देखें
🔮 मुफ्त कुंडलीअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निष्कर्ष
विवाह का सही समय सप्तम-दशा-गोचर की भाषा है। सहमति योग से बड़ी है।
PhD ज्योतिषाचार्य परामर्श
सप्तम-दशा व्यक्तिगत चार्ट से पढ़ सकते हैं। विवाह की तारीख की गारंटी नहीं।
पंडित जी से बात करेंविवाह कानूनी-पारिवारिक निर्णय है। कुंडली प्रवृत्ति है, बारात नहीं।